ट्रंप ईरान अल्टीमेटम हमला ने मध्य पूर्व में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा. पहले 48 घंटे का अल्टीमेटम देने के बाद अब इस समय-सीमा को बढ़ाकर 8 अप्रैल की रात तक कर दिया गया है.
यह बयान केवल धमकी नहीं, बल्कि संभावित युद्ध का संकेत भी माना जा रहा है. इससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है, खासकर ऊर्जा और सुरक्षा को लेकर.
ट्रंप ईरान अल्टीमेटम हमला: क्या है पूरी टाइमलाइन
ट्रंप ने पहले ईरान को 48 घंटे का समय दिया था. इसके बाद उन्होंने मंगलवार को संभावित कार्रवाई का दिन बताया.
अब नई डेडलाइन 8 अप्रैल तय की गई है. उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो रात 8 बजे (भारतीय समय अनुसार सुबह 5:30 बजे) हमला किया जा सकता है.
हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है.
होर्मुज जलडमरूमध्य बना विवाद की जड़
इस पूरे विवाद का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है.
ईरान द्वारा इसे बंद या नियंत्रित करने से दुनिया भर में तेल कीमतों पर असर पड़ रहा है. यही वजह है कि अमेरिका इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए है.
यह केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकट का कारण बन सकता है.
क्या ईरान झुकेगा या बढ़ेगा टकराव
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के आम लोग अपनी सरकार से संतुष्ट नहीं हैं और वे अमेरिका की कार्रवाई का समर्थन कर सकते हैं.
कूटनीति या युद्ध का रास्ता
यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका दबाव की रणनीति अपना रहा है, ताकि ईरान बातचीत के लिए मजबूर हो.
लेकिन अगर ईरान अपने रुख पर कायम रहता है, तो सैन्य टकराव लगभग तय माना जा रहा है.
आगे क्या होगा: वैश्विक असर
इस संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है. तेल कीमतों में उछाल, व्यापार में बाधा और सुरक्षा खतरे बढ़ सकते हैं.
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ दिन बेहद अहम होंगे. यह तय करेंगे कि मामला बातचीत से सुलझेगा या युद्ध की ओर बढ़ेगा.
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