- ट्रंप ने कहा होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा अमेरिका की जिम्मेदारी नहीं
- युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म होने का दावा
- तेल कीमतों और वैश्विक बाजार में बढ़ी अस्थिरता
दुबई: होर्मुज जलडमरूमध्य ट्रंप बयान ने वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा अब अमेरिका की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो चुका है और तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है.
ट्रंप के इस रुख को वैश्विक नेतृत्व में बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जहां अमेरिका अब अपने सहयोगी देशों पर ज्यादा जिम्मेदारी डालता दिख रहा है.
होर्मुज जलडमरूमध्य ट्रंप बयान का असर
ट्रंप ने कहा कि जो देश इस जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं, उन्हें ही इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. उन्होंने फ्रांस जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि यह उनका काम है, न कि अमेरिका का.
यह बयान वैश्विक गठबंधनों में दरार का संकेत देता है. इससे यह भी स्पष्ट होता है कि अमेरिका अब हर अंतरराष्ट्रीय संकट में अग्रणी भूमिका निभाने से पीछे हट सकता है.
इसका सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर पड़ सकता है.
तेल कीमतों में उछाल और बाजार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमत चार डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है.
यह वृद्धि दिखाती है कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए कितना महत्वपूर्ण है. यहां किसी भी तरह की रुकावट सीधे आम लोगों की जेब पर असर डालती है.
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर स्थिति जल्द नहीं संभली, तो वैश्विक महंगाई और बढ़ सकती है.
अमेरिका ने ईरान के इस्फहान में एक परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया. इसके जवाब में ईरान ने दुबई तट के पास एक तेल टैंकर पर हमला किया.
युद्ध का मानवीय और आर्थिक असर
इस संघर्ष में अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
साथ ही, तेल और गैस की सप्लाई बाधित होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहराने लगा है.
यह स्थिति केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट का रूप लेती जा रही है.
आगे क्या संकेत मिलते हैं
ट्रंप का यह बयान बताता है कि आने वाले समय में वैश्विक शक्तियों के बीच जिम्मेदारी को लेकर टकराव बढ़ सकता है.
अगर सहयोगी देश आगे नहीं आते, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता और बढ़ सकती है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित होंगी.
ये भी पढ़े | आज का 12 राशियों का राशिफल: किस्मत दे रही नए संकेत

















