- ढेंकनाल के हिन्दोल में हाथी के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत
- घटना के बाद गांव में दहशत, वन विभाग ने शुरू की जांच
- ओडिशा में बढ़ते इंसान-हाथी संघर्ष पर फिर उठे सवाल
हिन्दोल: ओडिशा के ढेंकनाल जिले के हिन्दोल इलाके में हाथी के हमले ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बारसिंगा गांव में एक बुजुर्ग महिला की जंगली हाथी के हमले में मौत हो गई। यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जंगल से सटे इलाकों में बढ़ते इंसान-हाथी संघर्ष की गंभीर तस्वीर भी दिखाती है।
मृतक की पहचान भारती बिस्वाल के रूप में हुई है, जो बलिमी थाना क्षेत्र के बारसिंगा गांव की रहने वाली थीं। हिंडोल में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है।
हिन्दोल हाथी हमला: कैसे हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भारती बिस्वाल अपने घर के पीछे आंगन में गई थीं। इसी दौरान एक जंगली हाथी अचानक वहां पहुंच गया और उन पर हमला कर दिया।
हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिवार और ग्रामीण तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है।
ओडिशा में बढ़ता इंसान-हाथी संघर्ष क्यों बन रहा बड़ा संकट
ओडिशा के जंगल से जुड़े कई गांवों में इंसान और हाथियों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के सिकुड़ने और हाथियों के पारंपरिक रास्तों में बदलाव की वजह से जंगली हाथी अब इंसानी बस्तियों के ज्यादा करीब पहुंच रहे हैं।
इसका असर केवल जानमाल के नुकसान तक सीमित नहीं है। फसलों की बर्बादी, रातभर का डर और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।
वन्यजीव विशेषज्ञ लंबे समय से गांव स्तर पर मजबूत चेतावनी सिस्टम, सुरक्षित हाथी कॉरिडोर और तेज रेस्क्यू रिस्पॉन्स सिस्टम की मांग करते रहे हैं।
वन विभाग की जांच और मुआवजे पर नजर
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
फिलहाल अधिकारियों की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हुई है या नहीं।
हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए मौजूदा इंतजाम पर्याप्त हैं।


















