लखनऊ में योजना के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना शुरू की।
- पहले चरण में गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी और गौतमबुद्धनगर शामिल हैं। अगले तीन वर्षों में सभी जिलों तक विस्तार का लक्ष्य है।
- युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, हॉस्टल और विदेश में नौकरी के लिए भाषा प्रशिक्षण की सुविधा देने की योजना है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई पहल की है। शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन में सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ₹1,725 करोड़ की ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना’ का शुभारंभ किया।
इस योजना के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में सरदार पटेल स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में सभी जिलों को इस व्यवस्था से जोड़ना है।
योजना का उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देना तथा उन्हें संस्थानों, फैक्ट्रियों और अन्य रोजगार क्षेत्रों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना है।
पहले चरण में पांच जिलों से होगी शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि योजना के पहले चरण में पांच जिलों में कौशल प्रशिक्षण और रोजगार केंद्र विकसित किए जाएंगे।
इनमें शामिल हैं:
- गोरखपुर
- लखनऊ
- कानपुर
- झांसी
- गौतमबुद्धनगर
इसके बाद प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों में केंद्र विकसित किए जाएंगे। सरकार ने मंडल मुख्यालयों के लिए धनराशि की व्यवस्था कर दी है। जमीन उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
अगले तीन वर्षों में प्रदेश के सभी 75 जिलों को इन रोजगार जोन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एक ही छत के नीचे प्रशिक्षण से लेकर नौकरी तक की सुविधा
इन केंद्रों पर युवाओं को पंजीकरण से लेकर कौशल प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने तक की सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी।
प्रत्येक केंद्र पर एक समर्पित प्लेसमेंट सेल बनाया जाएगा। इसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले युवाओं के लिए हॉस्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है।
हाईस्कूल पास युवा भी इन केंद्रों पर पंजीकरण करा सकेंगे। उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा और इसके बाद संस्थानों, फैक्ट्रियों तथा अन्य क्षेत्रों में प्लेसमेंट की व्यवस्था की जाएगी।
इस व्यवस्था में रोजगार तलाश रहे अधिक उम्र के लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
विदेश में नौकरी के इच्छुक युवाओं को मिलेगी भाषा की ट्रेनिंग
सरकार की योजना में विदेशों में रोजगार पाने के इच्छुक युवाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान और जर्मनी जैसे देशों में नौकरी करने के इच्छुक उम्मीदवारों को संबंधित देश की भाषा और वहां की जरूरतों के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कोई युवा यदि जापान या जर्मनी में काम करना चाहता है तो उसे संबंधित भाषा सिखाने के साथ आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। संबंधित दूतावास के सहयोग से रोजगार की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
टाटा और अशोक लीलैंड समेत कई संस्थाओं के साथ समझौता
योजना को प्रभावी बनाने के लिए कई औद्योगिक और प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन किए गए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स
- अशोक लीलैंड
- बीबीजी ग्रुप
- पीटीसी इंडस्ट्रीज
- सीआईपीएटी
- एशियन डेवलपमेंट बैंक
- अवाडा ग्रुप
- सीएसआर मिंडा
इन संस्थाओं की तकनीक, अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग युवाओं को प्रशिक्षण देने में किया जाएगा।
गौतमबुद्धनगर में यमुना प्राधिकरण इस केंद्र के विकास से जुड़ा है, जबकि गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण भी इस पहल में शामिल है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए फूड प्रोसेसिंग पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कौशल विकास को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। दूध से छाछ, घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पाद तैयार करके बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है।
इसी तरह फल और सब्जियों की प्रोसेसिंग तथा पैकेजिंग से भी किसानों को अधिक आमदनी के अवसर मिल सकते हैं।
युवाओं को ₹5 लाख तक ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त सहायता
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके तहत पात्र युवाओं को ₹5 लाख तक की ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का भी उल्लेख किया और युवाओं को पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, कॉलेज की पढ़ाई के दौरान प्रतिदिन कुछ घंटे कौशल विकास के लिए देने से रोजगार की संभावनाएं बढ़ाई जा सकती हैं।
रोजगार मित्र पोर्टल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी शुरू
कार्यक्रम में रोजगार मित्र पोर्टल और ब्लू डॉट साझा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी शुभारंभ किया गया।
इस डिजिटल मंच का उद्देश्य युवाओं, उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों को स्थानीय रोजगार तथा गिग वर्क के अवसरों से जोड़ना है।
इसके माध्यम से रोजगार की उपलब्धता और उद्योगों की जरूरतों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की योजना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और एमएसएमई के लाभार्थियों को ऋण सहायता के चेक भी वितरित किए गए। कुछ लाभार्थियों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए जॉब ऑफर लेटर दिए गए।
