योसेफ मिजराही की हिंदू धार्मिक परंपराओं पर टिप्पणी के बाद भारत और इजरायल में आलोचना हुई।
- अमेरिकी-इजरायली रब्बी योसेफ मिजराही का हिंदू धर्म और गौ-पूजा पर टिप्पणी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
- भारत और इजरायल के सोशल मीडिया यूजर्स ने भी मिजराही के बयान पर नाराजगी जताई।
- इजरायली शोधकर्ता येशाया रोसेनमैन और फिलिस्तीन के भारत में राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने इन टिप्पणियों की आलोचना की।
नई दिल्ली: अमेरिकी-इजरायली यहूदी धर्मगुरु योसेफ मिजराही (Rabbi Yosef Mizrahi) हिंदू धर्म और गौ-पूजा को लेकर की गई अपनी टिप्पणियों के कारण विवादों में घिर गए हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक परंपराओं और भारतीय डॉक्टरों को लेकर आपत्तिजनक बातें कही हैं। इन टिप्पणियों के बाद भारत और इजरायल सहित कई जगहों पर उनकी आलोचना हो रही है।
मिजराही की टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराजगी जताई। आलोचकों ने इसे हिंदू धार्मिक आस्था का अपमान बताया है।
योसेफ मिजराही ने वीडियो में क्या कहा?
वायरल वीडियो में योसेफ मिजराही भारत में रहने वाले एक व्यक्ति का जिक्र करते हैं। उनका दावा है कि वह व्यक्ति पहले उनके फेसबुक पेज के लिए काम करता था और यहूदी धर्म अपनाना चाहता था।
मिजराही ने उस व्यक्ति के परिवार के बारे में दावा किया कि उसके पिता और भाई गाय के सामने झुकते थे। उन्होंने कहा कि हिंदू गाय की पूजा करते हैं और कुछ लोग गाय के फर्श पर पेशाब करने के बाद उसे चाटते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत में कुछ लोग मेडिकल स्टोर से गोमूत्र खरीदते हैं। हालांकि, वीडियो में किए गए ये दावे मिजराही के अपने बयान हैं।
भारतीय डॉक्टरों को लेकर भी की टिप्पणी
मिजराही ने अपनी टिप्पणी में नई दिल्ली के अस्पतालों और भारतीय डॉक्टरों का भी मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाला कोई डॉक्टर पिछली रात गोमूत्र पीकर आया हो सकता है।
उन्होंने गाय के सड़क पर बैठने और उसके कारण ट्रैफिक रुकने का उदाहरण देते हुए भी टिप्पणी की। वीडियो के अंत में उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा करने की बात कही कि उन्होंने उन्हें भारतीयों जैसा नहीं बनाया।
इन टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
इजरायली शोधकर्ता येशाया रोसेनमैन ने की आलोचना
भारत में रहकर पढ़ाई और शोध करने वाले इजरायली लेखक एवं शोधकर्ता येशाया रोसेनमैन ने मिजराही के बयान की आलोचना की।
रोसेनमैन ने कहा कि मिजराही की टिप्पणियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिजराही पहले भी अलग-अलग धार्मिक समुदायों और अन्य समूहों के लोगों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं।
फिलिस्तीन के भारत में राजदूत ने जताई नाराजगी
फिलिस्तीन के भारत में राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी का नाम लिए बिना कहा कि नस्लवाद मानवता के लिए खतरा है।
उन्होंने लिखा कि सभी धर्मों का सम्मान और दूसरों की आस्थाओं को स्वीकार करना शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए जरूरी है। किसी के धर्म का मजाक उड़ाना या उसकी धार्मिक परंपराओं का अपमान करना मानवता की साझा बुनियाद को खतरे में डालता है।
Rabbi Yosef Mizrahi, सोशल मीडिया पर भी बढ़ा विरोध
वीडियो वायरल होने के बाद भारतीयों और इजरायलियों सहित कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मिजराही की आलोचना की। लोगों ने उनकी टिप्पणियों को अपमानजनक बताया और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करने की बात कही।
इस विवाद ने एक बार फिर अलग-अलग धर्मों और समुदायों के प्रति सार्वजनिक बयानों में सम्मान और संवेदनशीलता की आवश्यकता को चर्चा में ला दिया है।
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